Grahon ke gochar ka prabhav? ग्रहों के गोचर का प्रभाव
grahon ka gochar कौन सा ग्रह कितने समय तक एक राशि में रहता है?
grahon ka gochar कौन सा ग्रह कितने समय तक एक राशि में रहता है?
मूल त्रिकोण राशि क्या होती है?> किसी ग्रह की जिस राशि में वह अपने स्वगृह (Own Sign) में होते हुए भी सबसे अधिक शक्तिशाली और स्थिर फल देता है, उसे उस ग्रह की मूल त्रिकोण राशि कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ राशियों को ग्रह की मूल त्रिकोण राशि मानी गई है बृहद पाराशर…
अमावस्या तिथि प्रारम्भ अक्टूबर 20, 2025 को 03:44 पी.एम. बजे अमावस्या तिथि समाप्त अक्टूबर 21, 2025 को 05:54 पी.एम. बजे प्रदोष काल – 05:57 पी.एम. से 08:27 पी.एम. वृषभ काल – 07:23 पी.एम. से 09:22 पी.एम. निशिता काल मुहूर्त लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – 11:47 पी.एम. से 12:36 ए.एम., अक्टूबर 21 अवधि – 00 घण्टे 50…
नवरात्रि में माँ दुर्गा को लाल फूल (खासकर गुड़हल), फल (अनार, केला, शरीफा), मिठाई (खीर-पूड़ी, हलवा), लौंग, सुपारी, पान, इलायची और खीर-पूड़ी तथा चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है। इसके अलावा, देवी के विभिन्न स्वरूपों को प्रसन्न करने के लिए हर दिन अलग-अलग भोग भी लगाए जाते हैं, जैसे स्कंदमाता को केला और देवी कात्यायनी…